Vikram-1 Rocket Launch : भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण किया गया। इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे भारत के अंतरिक्ष अभियान का नया अध्याय बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विक्रम-1 की सफलता ने देश के युवाओं, वैज्ञानिकों और नवाचार की क्षमता को दुनिया के सामने साबित किया है। उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों और पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक मील का पत्थर है।
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विक्रम-1 का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। मिशन के दौरान रॉकेट ने अपने पेलोड को सफलतापूर्वक निम्न पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit) में स्थापित किया। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां निजी क्षेत्र ने सफल ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च क्षमता का प्रदर्शन किया है।
स्काईरूट एयरोस्पेस, जिसकी स्थापना वर्ष 2018 में हुई थी, भारत के तेजी से उभरते निजी स्पेस स्टार्टअप्स में से एक है। कंपनी का उद्देश्य छोटे उपग्रहों के लिए किफायती और विश्वसनीय लॉन्च सेवाएं उपलब्ध कराना है। सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के बाद भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स को नई गति मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रम-1 की सफलता से भारत के वाणिज्यिक अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इससे विदेशी निवेश, अत्याधुनिक तकनीक के विकास और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए लॉन्च सेवाओं के नए अवसर भी खुलेंगे।















