Vikram-1 Private Rocket Launch: भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। हैदराबाद स्थित निजी स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित इस रॉकेट का प्रक्षेपण इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से किया गया। यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
‘मिशन आगमन’ नाम से संचालित इस उड़ान के दौरान विक्रम-1 ने सफलतापूर्वक कई पेलोड को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनी ने स्वदेशी ऑर्बिटल रॉकेट विकसित कर सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सफलता भारत के युवाओं, वैज्ञानिकों और नवाचार की क्षमता का प्रतीक है तथा इससे देश के लाखों युवाओं को विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना वर्ष 2018 में पूर्व इसरो वैज्ञानिकों द्वारा की गई थी। कंपनी छोटे उपग्रहों के लिए किफायती और विश्वसनीय लॉन्च सेवाएं विकसित करने पर काम कर रही है। वर्ष 2020 में भारत सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए रास्ता खोलने के बाद यह उपलब्धि भारतीय स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रम-1 की सफलता से भारत की वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार में स्थिति और मजबूत होगी। इससे विदेशी निवेश, अत्याधुनिक तकनीक के विकास और निजी अंतरिक्ष उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में स्काईरूट एयरोस्पेस नियमित व्यावसायिक लॉन्च सेवाएं शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।















