India Nuclear Reactors :- भारत स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। देश में वर्तमान समय में 24 परमाणु ऊर्जा रिएक्टर संचालित हैं, जबकि 10 नए परमाणु रिएक्टरों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी है। केंद्र सरकार का लक्ष्य परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर देश की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं को पूरा करना और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना है।
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सरकार के अनुसार, वर्तमान में संचालित 24 परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों की कुल स्थापित क्षमता लगभग 8,780 मेगावाट है। निर्माणाधीन 10 नए रिएक्टरों के पूरा होने के बाद भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक सहित कई राज्यों में नए रिएक्टर विकसित किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु ऊर्जा कार्बन उत्सर्जन को कम करने और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सौर और पवन ऊर्जा की तरह परमाणु ऊर्जा भी स्वच्छ ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मौसम पर निर्भर नहीं रहती और लगातार बिजली उत्पादन करने में सक्षम होती है।
भारत सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक निवेश की योजना बनाई है। इसी रणनीति के तहत परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है ताकि उद्योगों, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को स्थिर एवं विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक और उच्च सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नए रिएक्टरों का निर्माण किया जा रहा है।
भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम लंबे समय से स्वदेशी तकनीक के विकास पर आधारित रहा है। देश ने प्रेसराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) तकनीक में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और भविष्य में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तथा अन्य उन्नत तकनीकों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निर्माणाधीन सभी परियोजनाएँ निर्धारित समय पर पूरी हो जाती हैं, तो भारत की ऊर्जा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि आयातित ईंधन पर निर्भरता भी कम होगी। साथ ही, देश के नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी नई गति मिलेगी।














