Indian Navy :- भारत सरकार ने देश की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सरकार के अनुसार, सिर्फ एक महीने के भीतर चार नई खेप के स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना में शामिल किए गए हैं। यह कदम आत्मनिर्भर भारत अभियान और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
इनमें सबसे नया और प्रमुख युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरी (INS Mahendragiri) है। यह नीलगिरी श्रेणी (Nilgiri Class) का छठा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित स्टील्थ फ्रिगेट है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, युद्ध क्षमता और लंबी दूरी के अभियानों को और अधिक मजबूत बनाएगा।
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रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन स्वदेशी प्लेटफॉर्म के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक उपस्थिति और समुद्री सुरक्षा क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। साथ ही, यह भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का भी मजबूत उदाहरण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक हथियार प्रणालियों, स्टील्थ तकनीक और उन्नत सेंसर से लैस नए युद्धपोत भविष्य की समुद्री चुनौतियों से निपटने में भारतीय नौसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाएंगे।












