प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माओवादी हिंसा के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब देश के कई हिस्सों में माओवादी हिंसा चरम पर थी, तब संविधान की बात करने वालों के हाथ कांप रहे थे। प्रधानमंत्री का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय कई क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां गंभीर चुनौती बन गई थीं। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार ने सुरक्षा बलों को मजबूत करने के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में विकास योजनाओं को भी प्राथमिकता दी है। इसी वजह से कई क्षेत्रों में हालात पहले की तुलना में बेहतर हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि माओवादी हिंसा जैसे मुद्दों से निपटने के लिए सुरक्षा और विकास दोनों जरूरी हैं। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।
FAQ
प्रश्न: पीएम मोदी ने किस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा?
उत्तर: प्रधानमंत्री मोदी ने माओवादी हिंसा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।
प्रश्न: पीएम मोदी ने क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा के चरम समय में संविधान की बात करने वालों की आवाज कमजोर थी।
प्रश्न: विपक्ष की प्रतिक्रिया क्या है?
उत्तर: विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।











