भारत का पहला यॉट मरीना अब मुंबई हार्बर में विकसित किया जाएगा। इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का ठेका देश की दिग्गज कंपनी L&T को मिला है। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की ओर से दिए गए इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹1,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच बताई जा रही है। यह परियोजना भारत के समुद्री पर्यटन और ब्लू इकॉनमी को नई दिशा दे सकती है। इस प्रोजेक्ट के तहत एप्रोच ट्रेस्टल, पाइल्ड ब्रेकवाटर, सर्विस प्लेटफॉर्म, कंक्रीट पोंटून और सुरक्षित रास्तों का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से यॉट संचालन आसान और सुरक्षित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का पहला यॉट मरीना मुंबई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री पर्यटन हब बनाने में मदद करेगा।
L&T की सहायक कंपनी एल एंड टी जियोस्ट्रक्चर्स इस परियोजना को संभालेगी। कंपनी लंबे समय से देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। L&T के शेयर में भी हाल के दिनों में तेजी देखने को मिली है। कंपनी का मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ से अधिक है। निवेशकों की नजर अब इस बड़े समुद्री प्रोजेक्ट पर बनी हुई है।
FAQ
Q1. भारत का पहला यॉट मरीना कहां बनेगा?
मुंबई हार्बर में भारत का पहला यॉट मरीना विकसित किया जाएगा।
Q2. इस प्रोजेक्ट का ठेका किस कंपनी को मिला है?
यह ठेका L&T यानी लार्सन एंड टुब्रो को मिला है।
Q3. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत कितनी है?
इस प्रोजेक्ट की लागत ₹1,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच बताई गई है।











