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India Semiconductor Mission 2.0 :- भारत ने लॉन्च किया ISM 2.0, ₹1.27 लाख करोड़ की मेगा योजना से सेमीकंडक्टर निर्माण को मिलेगा नया बल

India Semiconductor Mission 2.0 :- भारत सरकार ने देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ₹1,27,500 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। यह पहल देश में चिप निर्माण, उन्नत पैकेजिंग, अनुसंधान और हाई-टेक विनिर्माण को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

ISM 2.0 का लक्ष्य भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है। इसके तहत वेफर फैब्रिकेशन (Fab), चिप पैकेजिंग, डिजाइन, परीक्षण (Testing) और अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

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इस योजना से घरेलू और विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। हाल के वर्षों में कई वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में रुचि दिखाई है। नई नीति से इस निवेश को और गति मिलने की संभावना है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि ISM 2.0 केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। इससे देश में उच्च कौशल वाले रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

 

कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक चिप संकट के बाद अधिकांश देश सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दे रहे हैं। भारत की यह नई पहल भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिससे भविष्य में आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

सरकार का कहना है कि ISM 2.0 के माध्यम से भारत को आने वाले वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।