धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद क्या है
फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्देशक आदित्य धर को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए फिल्ममेकर संतोष कुमार को आरोप दोहराने से रोक दिया है।
धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद में कोर्ट का फैसला
धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद में कोर्ट ने साफ कहा कि अगली सुनवाई तक कोई भी मानहानिकारक बयान नहीं दिया जाएगा। यह आदेश 16 अप्रैल तक लागू रहेगा। न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर की बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुके हैं, जिससे छवि को नुकसान हो सकता है।
कैसे शुरू हुआ धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद
यह धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद तब शुरू हुआ जब संतोष कुमार ने दावा किया कि फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल की कहानी उनकी 2023 में रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट से ली गई है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाए, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया।
आदित्य धर ने उठाया कानूनी कदम
आरोपों के बाद आदित्य धर ने पहले लीगल नोटिस भेजा। जवाब न मिलने पर उन्होंने कोर्ट का रुख किया। उनके वकील बीरेंद्र सराफ ने कोर्ट में कहा कि ये आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
FAQ (धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद)
Q1. धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद क्या है?
यह फिल्म की कहानी चोरी के आरोपों से जुड़ा मामला है।
Q2. कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
कोर्ट ने आरोप दोहराने और बयान देने पर अस्थायी रोक लगाई है।
Q3. आदेश कब तक लागू रहेगा?
यह आदेश 16 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।















