अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के हालिया बयान के बाद पाकिस्तान को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। जेडी वेंस पाकिस्तान बयान के बाद कई अमेरिकी सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की याद दिलाई। सांसदों का कहना है कि पाकिस्तान पर लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को पनाह देने के आरोप लगते रहे हैं।
अमेरिकी नेताओं का मानना है कि विदेश नीति बनाते समय पुराने अनुभवों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कुछ सांसदों ने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में पाए जाने का भी जिक्र किया। वहीं, पाकिस्तान लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है और आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई का हवाला देता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संतुलन बनाकर चलने की रणनीति अपनाता है। हालांकि जेडी वेंस पाकिस्तान बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में इस मुद्दे पर मतभेद साफ दिखाई देने लगे हैं।
EEAT के नजरिए से देखें तो यह मामला केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका की दक्षिण एशिया नीति और आतंकवाद के खिलाफ उसकी रणनीति से भी जुड़ा हुआ है।
प्रश्न: जेडी वेंस के बयान पर विवाद क्यों हुआ?
उत्तर: उनके पाकिस्तान से जुड़े बयान के बाद कई अमेरिकी सांसदों ने विरोध जताया।
प्रश्न: सांसदों ने क्या आरोप लगाए?
उत्तर: उन्होंने पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने के इतिहास का जिक्र किया।
प्रश्न: क्या अमेरिका की नीति बदल सकती है?
उत्तर: फिलहाल किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।















