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IIT Kanpur CSE :- IIT कानपुर में CSE में दाखिला हार्वर्ड से 20 गुना कठिन? AI उद्यमी सिद्धार्थ सक्सेना का दावा चर्चा में

IIT Kanpur CSE :- नई दिल्ली: AI उद्यमी सिद्धार्थ सक्सेना का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने दावा किया है कि IIT कानपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) विभाग में प्रवेश पाना हार्वर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की तुलना में लगभग 20 गुना अधिक कठिन है।

सिद्धार्थ सक्सेना का यह बयान भारत की कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced और IITs में सीमित सीटों को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है। उनका कहना है कि IIT कानपुर के CSE कार्यक्रम में सीटों की संख्या बेहद कम होती है, जबकि इसके लिए देशभर के लाखों छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में चयन का प्रतिशत अत्यंत कम हो जाता है।

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हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि “20 गुना कठिन” का दावा सिद्धार्थ सक्सेना का व्यक्तिगत आकलन है। इसे किसी आधिकारिक संस्था, IIT कानपुर या हार्वर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी तुलना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, IIT कानपुर के CSE में प्रवेश मुख्य रूप से JEE Advanced में उत्कृष्ट रैंक पर निर्भर करता है, जबकि हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश केवल परीक्षा के अंकों के आधार पर नहीं होता। वहां शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ शोध, नेतृत्व क्षमता, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां, निबंध, सिफारिश पत्र और समग्र प्रोफाइल का भी मूल्यांकन किया जाता है।

 

इसी वजह से दोनों संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह अलग है और उनकी सीधे तुलना करना आसान नहीं है। जहां IIT में चयन एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के जरिए होता है, वहीं हार्वर्ड समग्र (Holistic) प्रवेश प्रणाली अपनाता है।

 

सिद्धार्थ सक्सेना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग भारतीय तकनीकी संस्थानों की कठिन प्रवेश प्रक्रिया का हवाला देकर उनके दावे का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों संस्थानों की चयन प्रणाली अलग होने के कारण इस तरह की तुलना सावधानी से की जानी चाहिए।