Fatty Pancreas Disorder :- दुनिया भर के विशेषज्ञों ने पहली बार पैंक्रियाज में अत्यधिक फैट जमा होने की स्थिति को एक अलग बीमारी के रूप में मान्यता दी है। इस नई स्थिति को ‘फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर’ नाम दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल सामान्य स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार, फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर का संबंध टाइप-2 डायबिटीज, पैंक्रियाज की सूजन (पैंक्रियाटाइटिस) और पैंक्रियाज कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से हो सकता है। यह बीमारी शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती है, इसलिए इसे एक ‘साइलेंट थ्रेट’ भी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मेटाबॉलिक समस्याएं इस बीमारी का जोखिम बढ़ा सकती हैं। समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें लंबे समय से मोटापा, डायबिटीज या अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं हैं तो वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जीवनशैली में बदलाव करें।















