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Cholesterol :- चौंकाने वाली स्टडी: हर 10 में से 9 भारतीयों के रक्त में असामान्य कोलेस्ट्रॉल, बिना लक्षण बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा

Cholesterol :- भारतीयों की हृदय से जुड़ी सेहत को लेकर एक नई स्टडी ने गंभीर चिंता बढ़ा दी है। अध्ययन के अनुसार, हर 10 में से लगभग 9 भारतीय वयस्कों के रक्त में कम से कम एक प्रकार का लिपिड (कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स) असामान्य स्तर पर पाया गया है। यह स्थिति डिस्लिपिडिमिया (Dyslipidemia) कहलाती है, जो बिना किसी शुरुआती लक्षण के धीरे-धीरे हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरण में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। समय के साथ धमनियों (आर्टरीज) में प्लाक जमा होने लगता है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। यदि समय रहते जांच और उपचार न किया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

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स्टडी में यह भी सामने आया कि महिलाओं, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, मधुमेह (डायबिटीज), प्री-डायबिटीज, मोटापे और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं।

 

डॉक्टरों का सुझाव है कि 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए। यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास है या व्यक्ति मधुमेह, मोटापे अथवा हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है, तो जांच और भी पहले शुरू कर देनी चाहिए। समय पर पहचान होने पर संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और आवश्यकता पड़ने पर दवाओं के माध्यम से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हृदय रोगों की रोकथाम के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस “साइलेंट रिस्क” से बचा जा सकता है।