“HMPV वायरस 20-25 साल पहले खोजा गया था, लेकिन हाल ही में चीन में इसका प्रकोप बढ़ा है। लोग सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। यह वायरस कोरोना जैसा रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन पैदा कर रहा है, जिससे फेफड़ों पर असर हो सकता है। चीन के अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जिससे चिंता बढ़ गई है कि यह नया खतरा कितना गंभीर हो सकता है।”
दिनाँक 09/01/2025 नई दिल्ली
HMPV (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) एक श्वसन वायरस है, जिसे पहली बार 2001 में खोजा गया था। यह सर्दी-जुकाम की तरह संक्रमण फैलाता है और खांसने-छींकने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इसके लक्षणों में खांसी, गले में खराश, नाक बहना, और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं।
चीन और भारत की स्थिति
चीन में HMPV के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहां के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। भारत में अब तक HMPV के तीन मामले सामने आए हैं—दो कर्नाटक में और एक अहमदाबाद में। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए तैयार है।
सरकार की तैयारी
- केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर नजर रख रही हैं।
- अस्पतालों को ILI और SARI मामलों की रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
- महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना जैसे राज्यों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
महाकुंभ पर फोकस
महाकुंभ के दौरान चीन से आने वालों पर प्रतिबंध की मांग की गई है। संतों ने अपील की है कि महाकुंभ में चीन या वहां से यात्रा कर चुके लोगों को प्रवेश न दिया जाए।
क्या यह कोरोना जैसा है?
HMPV और कोरोना वायरस अलग-अलग वायरस फैमिली से हैं, लेकिन दोनों ही श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं। हालांकि, अभी HMPV को लेकर कोरोना जैसी गंभीर स्थिति नहीं है।
सरकार ने जनता से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।











