प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 के पदक विजेताओं से बातचीत करते हुए उनकी मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना की। इस दौरान भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने अपने भावुक पलों और चार साल के कठिन सफर को साझा किया। CWG 2026 पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ हुई इस बातचीत ने पूरे देश को भावुक कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मीराबाई चानू से कहा कि उनके आंसू केवल भावनाएं नहीं थे, बल्कि हर बूंद में एक स्वर्ण पदक की चमक दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की जीत सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती है।
मीराबाई चानू ने बताया कि पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद उन्होंने लगातार मेहनत की।
इस दौरान उन्हें कई चोटों और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जब वह पोडियम पर खड़ी थीं और भारतीय तिरंगा लहरा रहा था, तब वह अपनी भावनाओं को रोक नहीं सकीं।
CWG 2026 पदक विजेता खिलाड़ियों की सफलता ने देश के युवाओं में नई ऊर्जा भर दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों का संघर्ष और समर्पण लाखों युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।
बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दे रहा है।
CWG 2026 पदक विजेता खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत खेल जगत में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
FAQ
1. प्रधानमंत्री मोदी ने मीराबाई चानू से क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मीराबाई चानू के आंसुओं में उन्हें स्वर्ण पदक की चमक दिखाई दी।
2. मीराबाई चानू भावुक क्यों हुईं?
उन्होंने बताया कि चार साल के संघर्ष, चोटों और पारिवारिक कठिनाइयों के बाद पदक जीतना उनके लिए बेहद भावुक पल था।
3. CWG 2026 पदक विजेता खिलाड़ियों को पीएम मोदी ने क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
4. मीराबाई चानू ने अपने संघर्ष के बारे में क्या बताया?
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उन्होंने लगातार चोटों और कई चुनौतियों का सामना किया।











