ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों के समूह के 15 से अधिक प्रतिनिधिमंडलों ने मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका रॉक शेल्टर्स दौरा किया। इस दौरान दक्षिण अफ्रीका, रूस, चीन, इंडोनेशिया और अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने हजारों वर्ष पुरानी शैल चित्रकला और प्रागैतिहासिक मानव जीवन से जुड़ी विरासत को करीब से देखा।
विदेशी मेहमानों ने गाइडेड टूर के माध्यम से विभिन्न गुफाओं का भ्रमण किया और वहां मौजूद ऐतिहासिक चित्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की। यह यात्रा भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा थी।
क्यों खास है भीमबेटका रॉक शेल्टर्स दौरा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित भीमबेटका रॉक शेल्टर्स यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। यहां 700 से अधिक शैलाश्रय मौजूद हैं, जिनमें प्रागैतिहासिक काल के चित्र सुरक्षित हैं।
इन चित्रों में शिकार, नृत्य, युद्ध और दैनिक जीवन के दृश्य दिखाई देते हैं। इतिहासकारों के अनुसार, ये चित्र मानव सभ्यता के शुरुआती दौर की महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करते हैं।
विदेशी प्रतिनिधियों ने समझी भारत की सांस्कृतिक विरासत
भीमबेटका रॉक शेल्टर्स दौरा के दौरान ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भारतीय संस्कृति और इतिहास को समझने में गहरी रुचि दिखाई। प्रतिनिधिमंडल ने प्राचीन गुफाओं में बनी कलाकृतियों का अवलोकन किया और संरक्षण कार्यों की जानकारी भी ली।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भारत और
अन्य देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करते हैं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे से मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भीमबेटका की पहचान और मजबूत होगी।
इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
FAQ
1. भीमबेटका रॉक शेल्टर्स कहां स्थित हैं?
भीमबेटका रॉक शेल्टर्स मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित हैं।
2. भीमबेटका को यूनेस्को का दर्जा कब मिला?
यूनेस्को ने वर्ष 2003 में भीमबेटका को विश्व धरोहर घोषित किया था।
3. ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन से देश शामिल थे?
दक्षिण अफ्रीका, रूस, चीन, इंडोनेशिया और अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल थे।
4. भीमबेटका रॉक शेल्टर्स क्यों प्रसिद्ध हैं?
यह स्थल हजारों साल पुराने शैल चित्रों और प्रागैतिहासिक मानव सभ्यता के प्रमाणों के लिए प्रसिद्ध है।











