Jantar Mantar Pellet Gun Controversy :- दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान RAF द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
दावों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किया गया हथियार पंप-एक्शन गन था, जिससे 12 बोर पैलेट कारतूस दागे जाते हैं। कारतूस फटने पर छोटे-छोटे छर्रे निकलते हैं, जो शरीर में धंस सकते हैं। बताया जाता है कि इस प्रकार के हथियार का उपयोग दंगा नियंत्रण और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है।
जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर प्रदर्शन में कुछ प्रदर्शनकारियों और एक पत्रकार के पैलेट छर्रों से घायल होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में दिल्ली पुलिस या RAF की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पैलेट गन को आमतौर पर गैर-घातक (Less-Lethal) हथियार माना जाता है, लेकिन यदि इसे बहुत नजदीक से चलाया जाए या छर्रे आंख, चेहरे या शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर लगें, तो गंभीर चोट या स्थायी नुकसान भी हो सकता है।
फिलहाल घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। विभिन्न संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग के नियमों की समीक्षा की मांग की है। दूसरी ओर, आधिकारिक एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।











