दिल्ली मानसून बारिश ने राजधानीवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत जरूर दी, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने शहर की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए। कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे घंटों ट्रैफिक जाम लगा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुरानी दिल्ली, पांडव नगर, किराड़ी, मुंडका, कराला और पीरागढ़ी जैसे क्षेत्रों में सड़कें पानी से भर गईं। कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी हुआ।
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दिल्ली के कुछ बड़े जलभराव वाले स्थानों पर इस बार स्थिति पहले से बेहतर रही, लेकिन अन्य इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था कमजोर नजर आई।
ईस्ट ऑफ कैलाश में एक बड़े यूकेलिप्टस के पेड़ की डाल गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
मानसून से पहले संबंधित एजेंसियों ने नालों की 100 प्रतिशत सफाई का दावा किया था।
हालांकि पहली ही बारिश में कई जगह पानी की निकासी नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई नालों में अब भी गाद और कचरा जमा है।
वहीं, जलभराव वाले क्षेत्रों में लगाए गए पंप भी देर से चालू किए गए, जिससे समस्या और बढ़ गई।















