देश में दस्तावेजों से जुड़े फर्जीवाड़े के मामलों के बीच एक बड़े फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट गिरोह का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जनसेवा केंद्र की आड़ में दो सगे भाई कथित तौर पर इस नेटवर्क को चला रहे थे। जांच के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी बरामद किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 88 साल पुराने जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत करने की बात कही है।
FAQ
फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट गिरोह क्या है?
यह कथित नेटवर्क अवैध तरीके से जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने के आरोपों से जुड़ा है।
इस मामले में कौन जांच कर रहा है?
पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
क्या अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है?
हाँ, पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।















