भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस बार मामला वाराणसी मस्जिद विवाद से जुड़ा है। पाकिस्तान की ओर से ज्ञानवापी परिसर को लेकर दिए गए बयान पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे देश का आंतरिक मामला बताया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा कि पाकिस्तान को भारत के घरेलू मामलों पर टिप्पणी करने से पहले अपने रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि जो देश अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकार के सवालों का सामना कर रहा है, उसे दूसरे देशों को सलाह देने से बचना चाहिए।
दरअसल, वाराणसी मस्जिद विवाद को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए चिंता जताई थी। इसके बाद भारत ने तुरंत जवाब दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि ज्ञानवापी परिसर से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और पूरी प्रक्रिया संविधान तथा कानून के अनुसार आगे बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकती हैं। हालांकि भारत ने दोहराया कि उसकी न्यायपालिका स्वतंत्र है और सभी मामलों का फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।
FAQ
प्रश्न: वाराणसी मस्जिद विवाद किससे जुड़ा है?
उत्तर: यह ज्ञानवापी परिसर से संबंधित मामला है, जिसकी सुनवाई अदालत में चल रही है।
प्रश्न: पाकिस्तान ने क्या कहा था?
उत्तर: पाकिस्तान ने इस मामले पर चिंता जताते हुए बयान जारी किया था।
प्रश्न: भारत ने क्या जवाब दिया?
उत्तर: भारत ने इसे आंतरिक मामला बताते हुए पाकिस्तान की टिप्पणी को खारिज कर दिया।















