पश्चिम बंगाल OBC आरक्षण को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। अदालत के फैसले के बाद बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए कई समुदायों को OBC सूची में शामिल किया। वहीं ममता सरकार ने कहा कि वह सामाजिक न्याय के तहत काम कर रही है।
हाल ही में अदालत ने पश्चिम बंगाल में जारी कई OBC प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल OBC आरक्षण मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि असली पिछड़े वर्गों का हक छीना गया। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस इसे गरीब और पिछड़े लोगों के अधिकारों पर हमला बता रही है।
FAQ
सवाल: पश्चिम बंगाल OBC आरक्षण विवाद क्यों बढ़ा?
अदालत द्वारा कई OBC प्रमाणपत्र रद्द किए जाने के बाद विवाद तेज हो गया।
सवाल: बीजेपी का क्या आरोप है?
बीजेपी का कहना है कि OBC सूची में गलत तरीके से समुदायों को शामिल किया गया।
सवाल: ममता सरकार ने क्या कहा?
राज्य सरकार ने दावा किया कि सभी फैसले नियमों के अनुसार लिए गए।















