भारत का पाकिस्तान को सख्त संदेश : आतंकियों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई, नागरिकों को नहीं पहुंचा नुकसान
दिनाँक 09/05/2025 नई दिल्ली
नई दिल्ली, 9 मई: भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए साफ कर दिया है कि हाल ही में की गई उसकी सैन्य कार्रवाई कोई उकसावा नहीं, बल्कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि भारत ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है। इस कार्रवाई में किसी भी धार्मिक स्थल या आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान की सच्चाई पूरी दुनिया के सामने आ चुकी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री खुद मान चुके हैं कि उनके देश के आतंकियों से रिश्ते हैं। इससे साबित होता है कि पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़ बन चुका है। मिस्री ने बताया कि पठानकोट हमले के बाद भी भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ सबूत दिए थे, लेकिन पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पाकिस्तान की उस मांग को भी भारत ने सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उसने पहलगाम हमले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय समिति बनाने की बात कही थी। भारत ने कहा कि वह पहले भी हमलों के सबूत देता रहा है, लेकिन पाकिस्तान कभी जांच में सहयोग नहीं करता। धार्मिक स्थलों पर हमले के आरोपों पर विदेश सचिव ने कहा कि भारत ने केवल आतंकियों के ठिकानों को ही निशाना बनाया, जबकि पाकिस्तान ने एलओसी के पास गुरुद्वारों को निशाना बनाया, जो बेहद निंदनीय है।
मिस्री ने बताया कि जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)’ को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित करने की बात आई, तो केवल पाकिस्तान ने इसका विरोध किया। इससे भी साफ है कि पाकिस्तान आतंकियों को समर्थन दे रहा है।
इस बीच, बुधवार रात पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। इन हमलों का मकसद भारत के शहरों को नुकसान पहुंचाना था, लेकिन भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता से सभी हमलों को विफल कर दिया।
