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जाकिर नाइक ने अनाथ छात्राओं को किया ‘बेइज्जत’, पाकिस्तानी एक्सपर्ट भड़के, बोले- ‘हमें शर्मिंदा किया’

भारत से फरार और विवादास्पद इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं, लेकिन इस बार पाकिस्तान में। हाल ही में जाकिर नाइक की एक घटना ने पाकिस्तान में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। नाइक ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अनाथ छात्राओं को बेइज्जत करने जैसा व्यवहार किया, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया है। कई पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स और मीडिया हस्तियों ने उनके इस कृत्य की कड़ी आलोचना की है और इसे “शर्मिंदगी” का कारण बताया है।

घटना का विवरण:

पाकिस्तान के एक प्रतिष्ठित इस्लामी संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जाकिर नाइक को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। इस कार्यक्रम में अनाथ लड़कियों का एक समूह भी मौजूद था, जिन्हें सम्मानित किया जा रहा था। जब इन छात्राओं ने मंच पर आकर नाइक से मुलाकात करनी चाही, तो उन्होंने एक झटके में उन्हें वहां से हट जाने के लिए कह दिया। नाइक ने इन छात्राओं को “ना-महरम” कहकर मंच से उतरने का इशारा किया, जिसका मतलब है कि ये लड़कियां उनके लिए ‘ना-महरम’ हैं, यानी उनसे संपर्क नहीं होना चाहिए।

पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स की प्रतिक्रिया:

इस घटना के बाद पाकिस्तान में नाराजगी की लहर दौड़ गई। कई प्रमुख मीडिया चैनलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जाकिर नाइक की इस हरकत पर कड़ा रुख अपनाया है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स ने कहा कि नाइक ने इस्लाम के गलत सिद्धांतों को लोगों के सामने पेश किया है और अनाथ लड़कियों को सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करके उन्होंने पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाया है।

एक प्रमुख पाकिस्तानी धार्मिक विद्वान ने कहा, “इस्लाम में अनाथों की देखभाल और सम्मान करना सबसे बड़ा फर्ज है, लेकिन जाकिर नाइक जैसे लोग इस्लाम के नाम पर अपने ही सिद्धांतों का पालन करते हैं। हमें उनके इस कृत्य से शर्मिंदा होना पड़ा है।”

सोशल मीडिया पर नफरत:

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। #ZakirNaikInsultsOrphans ट्रेंड करने लगा, और लोगों ने जाकिर नाइक को उनके इस व्यवहार के लिए कड़ी आलोचना की। कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर नाइक को इस तरह का व्यवहार करना था, तो उन्हें अनाथ लड़कियों के साथ मंच पर क्यों बुलाया गया?

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे धार्मिक आचरण की गलत व्याख्या बताया, जबकि अन्य ने इसे मानवता के खिलाफ बताया।

पाकिस्तान सरकार की चुप्पी:

इस पूरे विवाद के बीच, पाकिस्तान सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने निजी तौर पर इस घटना की निंदा की है और इसे पाकिस्तान की छवि के लिए हानिकारक बताया है।