लेबनान ने हाल ही में इजरायल के खिलाफ कड़ा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी के प्रसिद्ध शब्दों का हवाला देते हुए कहा है, “आप एक क्रांतिकारी को मार सकते हैं, लेकिन क्रांति को नहीं।” यह बयान इजरायल की कार्रवाई के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने लेबनान के हिज़्बुल्लाह समूह के कुछ नेताओं को निशाना बनाया था।
इजरायल की कार्रवाई
इजरायल ने हाल ही में अपने सैन्य अभियान के तहत हिज़्बुल्लाह के कई वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराने का दावा किया है। इस पर लेबनान की प्रतिक्रिया तीखी रही है, जिसमें उन्होंने इजरायल की नीति को आक्रामक और निंदनीय करार दिया है।
गांधी के विचारों का संदर्भ
लेबनान ने गांधी के विचारों का उल्लेख करके यह संकेत दिया है कि भले ही वे किसी एक व्यक्ति को खत्म कर सकते हैं, लेकिन यह उनके संघर्ष को समाप्त नहीं करेगा। गांधी के इस कथन का उपयोग करते हुए, लेबनान ने दिखाया है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
लेबनान में इस बयान की व्यापक चर्चा हो रही है। कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इसे समर्थन दिया है, यह दर्शाते हुए कि देश के लोग इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हैं।














