“मिशन शक्ति पहल का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान को बढ़ावा देना है”
उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति चरण-5 के तहत कल चंदौली के चकिया के दूरदराज गांव प्रीतपुर की चंचल कुमारी ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की पूर्व संध्या पर लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर प्रतीकात्मक रूप से एक दिन के लिए अपनी भूमिका निर्वहन किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि मिशन शक्ति पहल का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान को बढ़ावा देना है।चंदौली के एक किसान की 16 वर्षीय बेटी चंचल कुमारी ने 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस से ठीक पहले कल गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य का पदभार संभाला। चंदौली के अपने गांव में बाल विवाह उन्मूलन के प्रयासों के लिए जानी जाने वाली चंचल पहली बार लखनऊ आकर बहुत रोमांचित रही।
चंचल जो दसवीं की पढ़ाई कर रही है, को आयोग की सदस्य डा सुचिता चतुर्वेदी ने उसे एक दिन के लिए आयोग का सदस्य नियुक्त किया।उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य की कुर्सी पर बैठने पर चंचल को आयोग द्वारा किए जा रहे बाल अधिकार संरक्षण संबंधी विभिन्न कार्यों की जानकारी मिली। चंचल ने कहा कि इस पद पर काम करके मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है। आयोग में सदस्य की भूमिका निभाते हुए मुझमें जिम्मेदारी का अहसास हुआ । आयोग की सदस्य डाॅ सुचिता चतुर्वेदी ने चंचल को आयोग के कार्यों और सदस्य की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में चंचल को विस्तार से जानकारी दी । उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य के रूप में चंचल ने एक केस को सुना और उस पर आदेश भी जारी किया। चंचल ने शिक्षा के अधिकार की पुरजोर वकालत की, कहा कि शिक्षा को सुनिश्चित करके बाल श्रम , बाल विवाह और बच्चो के खिलाफ हिंसा में कमी लायी जा सकती है।











