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उत्तराखंड हिमस्खलन: “जैसे ही हम कंटेनर से बाहर निकले” बचाए गए मजदूरों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

“उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में एक हिमस्खलन ने 55 मजदूरों के कैंप को तबाह कर दिया। कई मजदूरों ने बर्फ के सैलाब से बचने की अपनी कहानी सुनाई।”

दिनाँक 02/03/2025 नई दिल्ली

उत्तराखंड के चमोली जिले में माणा गांव के पास हिमस्खलन की चपेट में आए मजदूरों ने अपनी डरावनी आपबीती साझा की। कंटेनर में रह रहे 55 मजदूरों में से कई ने बताया कि कैसे बर्फ का सैलाब उनकी ओर तेजी से बढ़ रहा था। हादसे में 50 मजदूरों को बचा लिया गया, लेकिन 4 की मौत हो गई।

गोपाल जोशी नाम के एक मजदूर ने बताया कि जैसे ही वह कंटेनर से बाहर निकले, उन्हें तेज गड़गड़ाहट सुनाई दी और देखते ही देखते बर्फ का विशाल ढेर उनकी ओर बढ़ने लगा। मजदूरों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पहले से जमी हुई बर्फ के कारण वे तेज नहीं दौड़ सके। करीब दो घंटे बाद ITBP के जवानों ने उन्हें सुरक्षित निकाला।

मजदूरों को ज्योतिर्मठ के सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई मजदूरों को सिर, छाती और पीठ में चोटें आई हैं। कुछ को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। हादसे के वक्त मजदूर सड़क किनारे पांच कंटेनरों में रह रहे थे। यह मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से आए थे और सीमा सड़क संगठन (BRO) के तहत काम कर रहे थे।