प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की पहली डॉल्फिन गणना रिपोर्ट जारी की, वन्यजीव संरक्षण के लिए किए बड़े ऐलान
दिनाँक 04/03/2025 नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के गिर नेशनल पार्क में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने भारत की पहली नदी डॉल्फिन गणना रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया कि देश में कुल 6,327 नदी डॉल्फिन पाई गई हैं। यह अध्ययन 8 राज्यों की 28 नदियों में किया गया, जहां विशेषज्ञों ने 8,500 किलोमीटर की यात्रा की। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा डॉल्फिन मिलीं, उसके बाद बिहार, पश्चिम बंगाल और असम का स्थान रहा।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी घोषणाएं
बैठक में टाइगर प्रोजेक्ट, हाथी संरक्षण प्रोजेक्ट, स्नो लेपर्ड प्रोजेक्ट और एशियाई शेर संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने वन्यजीवों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों को जोड़ने पर जोर दिया और स्कूली बच्चों के लिए डॉल्फिन संरक्षण जागरूकता अभियान चलाने की सलाह दी।
एशियाई शेरों की 16वीं जनगणना होगी शुरू
पीएम मोदी ने 2025 में एशियाई शेरों की 16वीं जनगणना शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने गुजरात के जूनागढ़ में राष्ट्रीय वन्यजीव रेफरल केंद्र की आधारशिला भी रखी, जो वन्यजीवों के स्वास्थ्य और बीमारियों पर शोध करेगा। बर्दा वन्यजीव अभयारण्य में बढ़ रही शेरों की संख्या को देखते हुए वहां भोजन और पर्यावरण सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
आधुनिक तकनीक से होगा वन्यजीवों का संरक्षण
सरकार ने वन्यजीव संरक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिमोट सेंसिंग और जियोस्पेशियल मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। वन्यजीव-मानव संघर्ष को कम करने के लिए कोयंबटूर के सलीम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (SACON) में एक विशेष केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की गई।
चीतों और घड़ियालों के लिए नई योजना
बैठक में गांधी सागर अभयारण्य (मध्य प्रदेश) और बन्नी घास के मैदान (गुजरात) में चीतों को बसाने की योजना का ऐलान किया गया। साथ ही, बाघों की सुरक्षा के लिए नई योजना और ‘प्रोजेक्ट घड़ियाल’ के तहत घड़ियाल संरक्षण को बढ़ावा देने का फैसला हुआ। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोदावण) के संरक्षण के लिए भी एक राष्ट्रीय कार्ययोजना शुरू की गई।
वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ी
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में सामुदायिक अभयारण्यों की संख्या छह गुना बढ़ी है, जिससे संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिली है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण में लगे फॉरेस्ट गार्ड्स के लिए मोटरसाइकिलें रवाना कीं और गिर के वन अधिकारियों, इको-गाइड्स और ट्रैकर्स से बातचीत की।
भारत में वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा नया आयाम
इस बैठक में वन्यजीव संरक्षण के नए लक्ष्यों और योजनाओं पर चर्चा हुई, जिससे भारत में वन्यजीवों की सुरक्षा मजबूत होगी और पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।
