PM मोदी की कुवैत यात्रा: आतंकवाद के खिलाफ समर्थन, 4 अहम समझौते
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा के बाद रविवार को भारत लौट आए। कुवैत ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान “द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर” से सम्मानित किया, जो कुवैत के सातवें शासक के नाम पर दिया जाता है। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान, कुवैत और भारत के बीच चार महत्वपूर्ण समझौते भी हुए”
दिनाँक 22/12/2024 नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कुवैत का दो दिवसीय दौरा किया, जो रविवार देर रात समाप्त हुआ। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने कुवैत के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की, जिनमें अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा, क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालीद और प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अबदुल्ला शामिल थे। इस दौरे का सबसे अहम पहलू कुवैत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ भारत का समर्थन करना था।
कुवैत सरकार ने 2035 तक देश की प्रगति के लिए एक योजना तैयार की है, जिसमें भारत से सहायता की मांग की गई है। इसके बाद, मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में करीबी सहयोग स्थापित करने पर चर्चा हुई। भारत और कुवैत ने संयुक्त बयान जारी करते हुए सीमा पार आतंकवाद और सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की। दोनों देशों ने आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाहों और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले तंत्र को समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया। भारत हमेशा से पाकिस्तान पर आरोप लगाता आया है कि वह सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, और इस संयुक्त बयान में यह स्पष्ट संकेत पाकिस्तान के खिलाफ था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अबदुल्ला से भी मुलाकात की, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे अहम क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई। मोदी ने कुवैती निवेशकों को भारत में निवेश करने का आमंत्रण भी दिया, खासकर रक्षा, ऊर्जा, फार्मा और फूड पार्क जैसे क्षेत्रों में। कुवैती निवेश प्राधिकरण (KIA) के पास नवंबर 2024 तक 970 अरब डॉलर का फंड होगा, जो दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी फंड प्रबंधन कंपनी है।
इस यात्रा के दौरान भारत और कुवैत के बीच चार अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने वाला समझौता था। अन्य समझौतों में खेल, संस्कृति और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। यह समझौते दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करेंगे।
