नई दिल्ली: संसद के मौजूदा सत्र में आज खान और खनिज संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह विधेयक देश में खान और खनिजों के विकास तथा विनियमन से जुड़े कानूनी ढांचे में बदलाव से संबंधित है। खनन क्षेत्र का सीधा संबंध उद्योग, बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से है। इसलिए इस विधेयक पर संसद के साथ खनन क्षेत्र की भी नजर रहेगी।
खान और खनिज संशोधन विधेयक 2026 क्यों अहम?
भारत में खनिज संसाधन आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस्पात, बिजली, निर्माण और विनिर्माण जैसे कई क्षेत्र खनिजों पर निर्भर हैं। ऐसे में खान और खनिज संशोधन विधेयक 2026 के प्रस्तावित प्रावधान खनन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत होने के बाद संसदीय प्रक्रिया के तहत इस पर आगे विचार होगा। इसके विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद ही संभावित प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
संसद में अन्य विधेयकों पर भी गतिविधि
इस बीच लोकसभा ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है।
यह विधेयक सहकारी क्षेत्र और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से संबंधित है।
वहीं, राज्यसभा ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक पारित किया है।
इस तरह संसद के दोनों सदनों में खनन, सहकारिता और न्यायाधिकरण व्यवस्था से जुड़े विधायी विषयों पर गतिविधि तेज है।
FAQ
सवाल: खान और खनिज संशोधन विधेयक 2026 कहां पेश होगा?
जवाब: यह विधेयक लोकसभा में पेश किया जाएगा।
सवाल: लोकसभा ने कौन सा अन्य विधेयक पारित किया है?
जवाब: लोकसभा ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया है।
सवाल: राज्यसभा ने कौन सा विधेयक पारित किया?
जवाब: राज्यसभा ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक पारित किया है।















