उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में इस बार केदारनाथ हाईटेक सुरक्षा को और मजबूत बनाया गया है। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।
इस बार पूरे यात्रा मार्ग पर करीब 200 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 5 ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। यह केदारनाथ हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था हर गतिविधि पर नजर रखने में मदद करेगी। खासकर भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों में यह सिस्टम बेहद उपयोगी साबित होगा।
गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां 16 CCTV कैमरे और 14 SOS प्वाइंट बनाए गए हैं। इन SOS केंद्रों की खास बात यह है कि नेटवर्क न होने पर भी यात्री कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण संभालेंगे। प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ हाईटेक सुरक्षा के जरिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. केदारनाथ हाईटेक सुरक्षा में क्या खास है?
इसमें ड्रोन, CCTV कैमरे और SOS सिस्टम शामिल हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखते हैं।
Q2. कितने पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं?
करीब 300 से अधिक पुलिसकर्मी यात्रा मार्ग पर तैनात रहेंगे।
Q3. SOS सिस्टम कैसे काम करता है?
यह नेटवर्क न होने पर भी कंट्रोल रूम से संपर्क कर मदद उपलब्ध कराता है।






