राजस्थान-भारत नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर शून्य कार्बन उत्सर्जन यानि नेट जीरो के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है

“देश की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 200 गीगावाट से अधिक हो गई है और राजस्थान 29 दशमलव आठ पांच गीगावाट क्षमता के साथ इसमें सर्वाधिक योगदान दे रहा है”

राजस्थान के ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने कहा है कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर शून्य कार्बन उत्सर्जन यानि नेट जीरो के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 200 गीगावाट से अधिक हो गई है और राजस्थान 29 दशमलव आठ पांच गीगावाट क्षमता के साथ इसमें सर्वाधिक योगदान दे रहा है।

श्री नागर मंगलवार को जयपुर में साउथ एशियन क्लीन एनर्जी फोरम के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। श्री नागर ने कहा कि क्लाइमेट चेंज से उत्पन्न चुनौतियों का मजबूती से मुकाबला करने तथा अक्षय ऊर्जा तक आमजन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और राजस्थान इस दिशा में उदाहरण पेश कर रहा है। उन्होंने नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और बांग्लादेश के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के लिए भारत में अमरीकी राजदूत एरिक गार्सेटी का धन्यवाद किया।

इससे पहले भारत में अमेरिकी राजदूत ने कहा कि विश्व की करीब एक-चौथाई जनसंख्या तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में 28 प्रतिशत भागीदारी रखने वाले इस उप महाद्वीप में क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देना समय की मांग है। उन्होंने क्लाइमेट चेंज के कारण पर्यावरण पर बढ़ते खतरों की ओर ध्यान आकृष्ट किया।