Chhatarpur Chita Andolan छतरपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों का ‘चिता आंदोलन’ लगातार तेज होता जा रहा है। जय किसान संगठन के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में प्रभावित परिवार केन-बेतवा लिंक परियोजना, एनटीपीसी, मझगांव, रूंज और नैगुवा जैसी परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और उचित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि विकास परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर और जमीन छोड़नी पड़ी, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिल सका। उनका कहना है कि कई मामलों में मुआवजा वितरण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी कथित गड़बड़ियां हुई हैं।
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जानकारी के अनुसार, आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अमित भटनागर का आमरण अनशन 11वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी सरकार से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, पारदर्शी जांच और कथित भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग आंदोलन के समर्थन में जुट रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि विस्थापितों से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, आंदोलनकारी प्रशासन के आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और लिखित निर्णय की मांग पर अड़े हुए हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल सुविधाओं को बेहतर बनाना है। हालांकि, परियोजना के कारण प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। फिलहाल छतरपुर में आंदोलन जारी है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।







