Hyderabad Amaravati Expressway :- तेलंगाना सरकार ने दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा देने के उद्देश्य से हैदराबाद, अमरावती और मछलीपट्टनम पोर्ट को जोड़ने वाले 12-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव रखा है। यह परियोजना दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और बंदरगाह संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे हैदराबाद के भारत फ्यूचर सिटी क्षेत्र से शुरू होकर आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती होते हुए मछलीपट्टनम (बंदर) पोर्ट तक जाएगा। इस परियोजना के लिए तेलंगाना सरकार ने केंद्र सरकार से मंजूरी का अनुरोध किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इसकी व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का अध्ययन किए जाने की संभावना है।
OnePlus India Exit 2027 :- क्या OnePlus 2027 तक भारत छोड़ देगा? रिपोर्ट में बड़ा दावा, कंपनी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं
रिपोर्टों के अनुसार, इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्देश्य हैदराबाद को समुद्री बंदरगाह से तेज और सीधा संपर्क उपलब्ध कराना है। वर्तमान में तेलंगाना का अपना कोई समुद्री बंदरगाह नहीं है, इसलिए यह परियोजना निर्यात, आयात और माल परिवहन के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और कारोबार को गति मिलेगी।
प्रस्तावित कॉरिडोर का एक हिस्सा तेलंगाना और शेष भाग आंध्र प्रदेश से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे बनने के बाद दोनों राज्यों के बीच यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ औद्योगिक निवेश, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और रियल एस्टेट क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सड़क संपर्क तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दक्षिण भारत में एक नए आर्थिक गलियारे (Economic Corridor) के रूप में विकसित हो सकती है। मछलीपट्टनम पोर्ट तक तेज पहुंच मिलने से निर्यात आधारित उद्योगों को विशेष लाभ होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव के चरण में है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), अंतिम रूट और निर्माण कार्य से संबंधित निर्णय केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की मंजूरी के बाद लिए जाएंगे। यदि योजना को स्वीकृति मिलती है, तो यह दक्षिण भारत की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल हो सकती है।





