भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई मजबूती मिलने जा रही है। Dixon Vivo Joint Venture के तहत डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वीवो मोबाइल इंडिया ने स्मार्टफोन निर्माण के लिए नई संयुक्त कंपनी बनाने का फैसला किया है। इस साझेदारी को भारत सरकार के DPIIT से भी मंजूरी मिल चुकी है। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और गति देने वाला माना जा रहा है।
इस समझौते में डिक्सन टेक्नोलॉजीज के पास 51% और वीवो मोबाइल इंडिया के पास 49% हिस्सेदारी होगी। नई कंपनी स्मार्टफोन के साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का भी OEM निर्माण करेगी। शुरुआती चुकता पूंजी 5 करोड़ रुपये रखी गई है और दोनों कंपनियां अपनी हिस्सेदारी के अनुसार निवेश करेंगी। Dixon Vivo Joint Venture से डिक्सन की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। वहीं वीवो को भारत में मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का लाभ मिलेगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोजगार, निवेश और स्थानीय सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह संयुक्त उद्यम अन्य ब्रांड्स के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बना सकता है।
FAQ (हिंदी)
Q1. Dixon Vivo Joint Venture क्या है?
यह डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वीवो मोबाइल इंडिया के बीच स्मार्टफोन निर्माण के लिए बनाई गई संयुक्त कंपनी है।
Q2. दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी कितनी होगी?
डिक्सन के पास 51% और वीवो मोबाइल इंडिया के पास 49% हिस्सेदारी होगी।
Q3. इस साझेदारी को किसकी मंजूरी मिली है?
भारत सरकार के DPIIT ने प्रेस नोट-3 (2020) के तहत इस संयुक्त उद्यम को मंजूरी दी है।















