NIA Raid 2026 के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देशभर में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 10 राज्यों के 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। एजेंसी के अनुसार यह अभियान ऑनलाइन कट्टरपंथ और आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ चलाया गया। जांच में ऐसे डिजिटल नेटवर्क की जानकारी मिली, जिनका उद्देश्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की विचारधारा का प्रचार करना और युवाओं को गुमराह करना था।
यह मामला मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से शुरू हुआ था।
शुरुआती जांच में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी डिजिटल सामग्री मिलने के बाद NIA ने जांच अपने हाथ में ली।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में एक साथ कार्रवाई की गई।
NEET विवाद: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर सुप्रीम कोर्ट टास्क फोर्स की बड़ी चिंता
NIA Raid 2026 के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। एजेंसी के मुताबिक अब तक 11 लोगों और एक किशोर को हिरासत में लिया गया है। जांच में विदेशी हैंडलरों से ऑनलाइन संपर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी सामग्री साझा करने के संकेत भी मिले हैं। सभी डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बुलंदशहर के अलावा राजस्थान के जोधपुर में भी NIA ने संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसियां बैंक खातों, ऑनलाइन गतिविधियों और डिजिटल संचार की भी पड़ताल कर रही हैं।
FAQ (हिंदी)
Q1. NIA Raid 2026 क्या है?
यह राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा ऑनलाइन आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाया गया देशव्यापी अभियान है।
Q2. कितने राज्यों में छापेमारी हुई?
कुल 10 राज्यों के 20 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।
Q3. जांच में क्या बरामद हुआ?
मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।
Q4. क्या जांच अभी जारी है?
हाँ, NIA डिजिटल साक्ष्यों और विदेशी संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है।











