प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स में अपने संबोधन के दौरान हिंद महासागर सहयोग को भारत की प्रमुख विदेश नीति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सोच हिंद महासागर को प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि “अवसरों का महासागर” बनाने की है। उनका मानना है कि क्षेत्रीय शांति, साझा विकास और समुद्री सुरक्षा के जरिए सभी देशों को लाभ मिल सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर सहयोग केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, ब्लू इकोनॉमी, आपदा प्रबंधन और क्षमता निर्माण जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। भारत और सेशेल्स के बीच हाल में हुए समझौतों को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका और मजबूत होगी। साथ ही
छोटे द्वीपीय देशों के साथ विकास आधारित साझेदारी को भी नई गति मिलेगी।
FAQ
प्रश्न 1: हिंद महासागर सहयोग का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: क्षेत्र में शांति, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और साझा विकास को बढ़ावा देना।
प्रश्न 2: पीएम मोदी ने क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाने की बात कही।
प्रश्न 3: इस पहल से किसे लाभ मिलेगा?
उत्तर: भारत, सेशेल्स और हिंद महासागर क्षेत्र के अन्य साझेदार देशों को।















