दुनियाभर में सोना और चांदी की तेजी के बाद अब कॉपर बाजार चर्चा में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में “कॉपर सुपरसाइकिल” देखने को मिल सकती है। AI डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और पावर ग्रिड प्रोजेक्ट्स इसकी सबसे बड़ी वजह बन रहे हैं। कॉपर की मांग लगातार बढ़ रही है। दूसरी तरफ सप्लाई सीमित बनी हुई है। नई कॉपर खदानें जल्दी शुरू नहीं हो पा रही हैं। इसी कारण बाजार में कीमतों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक व्हीकल में सामान्य गाड़ियों की तुलना में ज्यादा कॉपर इस्तेमाल होता है। वहीं AI सेक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में भी इसकी जरूरत तेजी से बढ़ रही है। हालांकि बाजार में जोखिम भी मौजूद हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, चीन की कमजोर मांग और वैश्विक मंदी कॉपर बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बावजूद निवेशकों की नजर कॉपर सुपरसाइकिल पर बनी हुई है।
FAQ
सवाल: कॉपर सुपरसाइकिल क्या है?
जब कॉपर की मांग लंबे समय तक तेजी से बढ़ती है और सप्लाई कम पड़ जाती है, तब उसे कॉपर सुपरसाइकिल कहा जाता है।
सवाल: कॉपर की मांग क्यों बढ़ रही है?
AI, EV और पावर ग्रिड सेक्टर में कॉपर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।














