दिल्ली में हुए बार काउंसिल चुनावों के दौरान दिल्ली बार काउंसिल चुनाव छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। मतगणना के दौरान कुछ मतपत्रों में दूसरी वरीयता के वोटों में बदलाव पाया गया। इस गड़बड़ी के बाद तिलक नगर थाने में एक कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं जालसाजी और दस्तावेजों में छेड़छाड़ से जुड़ी हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मतपत्र संख्या 132 को अनुचित लाभ देने की कोशिश की गई।
बार काउंसिल चुनावों में वरीयता प्रणाली लागू होती है। ऐसे में दूसरी वरीयता में बदलाव पूरे परिणाम को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दिल्ली बार काउंसिल चुनाव छेड़छाड़ का यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
चुनाव समिति ने इस घटना के बाद आंतरिक जांच शुरू की। साथ ही उम्मीदवारों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने का मौका दिया गया है। अब निर्णय लिया गया है कि मतगणना प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. दिल्ली बार काउंसिल चुनाव छेड़छाड़ क्या है?
यह मामला मतपत्रों में दूसरी वरीयता के वोट बदलने से जुड़ा है।
Q2. FIR किन धाराओं में दर्ज हुई है?
BNS की धारा 318 और 340 के तहत मामला दर्ज हुआ है।
Q3. किसे फायदा हुआ?
मतपत्र संख्या 132 को इस छेड़छाड़ से लाभ मिला।
Q4. अब आगे क्या होगा?
मतगणना दोबारा होगी और पुलिस जांच जारी है।











