राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार तड़के हुआ रोहिणी आग हादसा बेहद दर्दनाक साबित हुआ। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें पति-पत्नी और उनकी करीब दो साल की मासूम बच्ची शामिल है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
दमकल विभाग के अनुसार, रोहिणी आग हादसा रात करीब 1:25 बजे बुद्ध विहार क्षेत्र में शुरू हुआ। सूचना मिलते ही छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। हालांकि संकरी गलियों के कारण राहत कार्य में देरी हुई, जिससे आग पर काबू पाने में मुश्किल आई। कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई गई, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी।
अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर आग लगी, वहां प्लास्टिक स्क्रैप और कबाड़ जमा था। यही इस रोहिणी आग हादसा के तेजी से फैलने का मुख्य कारण बना। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. रोहिणी आग हादसा कब हुआ?
यह हादसा 16 अप्रैल की तड़के सुबह करीब 1:25 बजे हुआ।
Q2. इस रोहिणी आग हादसा में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई।
Q3. आग लगने का मुख्य कारण क्या था?
प्रारंभिक जांच में प्लास्टिक स्क्रैप और कबाड़ को कारण माना जा रहा है।
Q4. क्या राहत कार्य में कोई दिक्कत आई?
हां, संकरी गलियों के कारण दमकल गाड़ियों को पहुंचने में कठिनाई हुई।











