उत्तर प्रदेश में दिव्यांग और सामान्य बच्चे अब एक ही स्कूल में पढ़ेंगे, योगी सरकार ने उठाया बड़ा कदम
दिनाँक 16/05/2025 नई दिल्ली
लखनऊ, 16 मई : उत्तर प्रदेश सरकार अब दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़ा काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य सरकार ने तय किया है कि दिव्यांग और सामान्य बच्चे अब एक ही स्कूल में साथ पढ़ाई करेंगे। इससे दिव्यांग बच्चों को भी बराबरी का मौका मिलेगा और समाज में भेदभाव की दीवार टूटेगी। पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि सरकार दिव्यांग बच्चों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि सम्मान देने के लिए काम कर रही है। उनका कहना है कि समावेशी शिक्षा का मतलब है कि कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए।
योगी सरकार ने अभी तक औरेया, लखनऊ, कन्नौज, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया और महराजगंज में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय शुरू किए हैं। इन स्कूलों में दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित और सामान्य बच्चे साथ पढ़ रहे हैं। अब तक इन स्कूलों में 325 बच्चों का नामांकन हो चुका है। इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ ब्रेल किताबें, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, रैम्प जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। साथ ही दिव्यांग और सामान्य बच्चों के बीच साझा खेल-कूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हो रहे हैं, जिससे आपस में मेल-जोल और समझ बढ़ रही है।
सरकार का मानना है कि दिव्यांगों के लिए अलग स्कूल बनाना ही काफी नहीं है, उन्हें सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाकर ही असली बदलाव लाया जा सकता है। इसी सोच के तहत अब गाजियाबाद में एक नया समेकित विद्यालय बन रहा है और मीरजापुर, एटा, प्रतापगढ़, वाराणसी और बुलंदशहर में भी स्कूल बनाने का काम तेज़ी से चल रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर हिस्से में दिव्यांग बच्चों को अच्छी पढ़ाई मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
