इलाहाबाद: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा की गई टिप्पणियों को चुनौती देने वाली अपील को खारिज कर दिया है। स्वामी रामभद्राचार्य की टिप्पणियों पर आरोप लगाया गया था कि वे दलितों के प्रति आपत्तिजनक हैं।
यह अपील प्रकाश चंद्र द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने स्वामी के वक्तव्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में, SC/ST मामलों के एक विशेष न्यायाधीश ने पहले ही स्वामी की टिप्पणियों के खिलाफ दायर आवेदन को खारिज कर दिया था।
न्यायालय का फैसला:
उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अपील को खारिज करते हुए टिप्पणी की कि स्वामी रामभद्राचार्य के भाषण की संपूर्णता को समझना आवश्यक है और इसे संदर्भ में देखने की जरूरत है।
यह निर्णय स्वामी रामभद्राचार्य की धार्मिक गतिविधियों और उनके बोलने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला है, जिसने दलित समुदाय और उनके अधिकारों के संदर्भ में कई सवाल उठाए हैं।











