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लेपर्ड का हमला, 8 मौतों के बाद आदमखोर को ग्रामीणों ने घेरकर उतार दिया मौत के घाट

“ग्रामीणों ने हथियार लेकर उसका पीछा किया और घेरकर उसको लाठी व हथियारों से पीट-पीटकर मार दिया।”

8 मौतों के बाद आदमखोर को ग्रामीणों ने घेरकर उतार दिया मौत के घाट  गोगुंदा के कमोल की है घटना  उदयपुर में एक बार फिर लेपर्ड का हमला हो गया। हालांकि इस बार लेपर्ड ग्रामीणों की चंगुल में फंस गया और ग्रामीणों ने उसको घेरकर पीट-पीटकर मार दिया। वन विभाग के अनुसार ये दावे से नहीं कहा जा सकता कि ये वो ही आदमखोर है, जिसने गोगुंदा क्षेत्र में 8 लोगों को मौत के घाट उतारा है।   जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह 3 बजे हुई ये घटना गोगुंदा से करीब 20 किलोमीटर दूर सायरा थाना क्षेत्र के कमोल गांव की है। यहां 55 वर्षीय देवाराम के बाड़े में घुसे लेपर्ड ने पहले गायों पर अटैक किया और बाद में गायों की चीख-पुकार सुनकर बाड़ में पहुंचे देवाराम पर भी लेपर्ड ने हमला कर दिया। उनके दोनों हाथों को भी जबड़े में दबा लिया और पंजों से भी कई बार वार कर दिया।

देवाराम शोर मचाते हुए कुछ मिनट तक लेपर्ड से बचने का प्रयास करता रहा और इसके बाद ग्रामीणों और उसके परिवारजन मौके पर पहुंचे तो शोर सुनकर जमीन पर गिरे देवाराम को छोड़कर लेपर्ड जंगल की ओर भाग गया।  इसके बाद ग्रामीणों ने हथियार लेकर उसका पीछा किया और घेरकर उसको लाठी व हथियारों से पीट-पीटकर मार दिया। जबकि घायल देवाराम को नजदीक के हेल्थ सेंटर ले जाया गया। जहां से उन्हें उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में रेफर किया गया। देवाराम का हालत फिलहाल ठीक है, लेकिन डर के कारण वे कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं।  घायल के घर के पास ही पड़ा मिला लेपर्ड का शव वन विभाग के अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि लेपर्ड का शव देवाराम के घर के पास ही पड़ा मिला। लेपर्ड के चेहरे पर बड़ा घाव है, जिससे लग रहा है कि किसी धारदार हथियार या कुल्हाड़ी से उस पर हमला किया गया। लेपर्ड के डर की वजह से इन दिनों ग्रामीण हथियार साथ में रखते हैं। ऐसे में संभावना है कि लेपर्ड को लोगों ने मार डाला हो। पूरे मामले की जांच की जा रही है।