कर्नाटक उच्च न्यायालय के एक जज, जिन्होंने हाल ही में एक मामले के दौरान पाकिस्तान से संबंधित टिप्पणी की थी, अब ट्रांसफर के खतरे में हैं। यह मामला तब सामने आया जब जज ने एक सुनवाई के दौरान पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कुछ विवादास्पद टिप्पणियाँ की थीं, जो कि सोशल मीडिया और विभिन्न राजनीतिक सर्कल में चर्चा का विषय बन गईं।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक:
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस मुद्दे पर चर्चा की है और यह विचार किया जा रहा है कि क्या इस जज का ट्रांसफर किया जाना चाहिए। कॉलेजियम के सदस्यों का मानना है कि जज की टिप्पणी ने न्यायपालिका की छवि को प्रभावित किया है और इससे कानूनी प्रक्रिया में विश्वास भी डगमगा सकता है।
टिप्पणी का विवाद:
जज की टिप्पणी के बाद कई अधिवक्ताओं और राजनीतिक नेताओं ने इसकी निंदा की थी। यह माना जा रहा है कि उनकी टिप्पणी से देश की संवैधानिक स्थिति और न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं।
आगे की कार्रवाई:
अगर कॉलेजियम इस जज के ट्रांसफर का फैसला लेता है, तो यह मामला कानूनी और न्यायिक इतिहास में महत्वपूर्ण बन जाएगा। इससे यह संकेत भी मिलेगा कि न्यायपालिका में ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाता है।
