‘UNSC का स्थाई सदस्य बने भारत’: फ्रांस ने किया समर्थन, चीन-पाक में मची हलचल
हाल ही में फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के स्थायी सदस्य बनने के समर्थन की घोषणा की है, जिससे वैश्विक राजनीति में एक नई हलचल मच गई है। फ्रांस का यह समर्थन ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।
फ्रांस का समर्थन:
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक महत्वपूर्ण मंच पर कहा, “भारत एक उभरती हुई शक्ति है और उसे UNSC में स्थायी सदस्यता का हक है।” यह बयान फ्रांस-भारत संबंधों की मजबूती को भी दर्शाता है और भारत की क्षेत्रीय और वैश्विक भूमिका को मान्यता देता है।
चीन और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया:
भारत के स्थायी सदस्यता के लिए फ्रांस के समर्थन से चीन और पाकिस्तान में हलचल मच गई है। दोनों देश इस फैसले का विरोध करते रहे हैं, और उन्हें डर है कि इससे भारत की शक्ति में वृद्धि होगी। चीन ने पहले ही UNSC में भारत की सदस्यता पर अपनी चिंताओं का इज़हार किया है, जबकि पाकिस्तान इसे अपने लिए एक खतरे के रूप में देखता है।
भारत की स्थिति:
भारत, जो पहले से ही UNSC का अस्थायी सदस्य रहा है, ने लंबे समय से स्थायी सदस्यता की मांग की है। भारत का तर्क है कि विश्व की बढ़ती जनसंख्या और आर्थिक शक्तियों के आधार पर UNSC में उसकी भागीदारी आवश्यक है।
