सिक्किम मौसम आपदा ने एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में मौसम की गंभीर स्थिति को उजागर कर दिया है। मंगन जिले में लाचेन-चुंगथांग रोड पर अचानक तेज बर्फबारी और बारिश हुई, जिससे भूस्खलन हो गया। सड़क पर दरारें आने से करीब 800 टूरिस्ट फंस गए हैं। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन खराब मौसम राहत कार्य में चुनौती बन रहा है।
इस सिक्किम मौसम आपदा का असर केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से कई राज्यों में मौसम बिगड़ गया है। उत्तराखंड, हिमाचल और पूर्वोत्तर के इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे में कई राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. सिक्किम मौसम आपदा क्या है?
यह बर्फबारी, बारिश और भूस्खलन से बनी गंभीर स्थिति है, जिसमें टूरिस्ट फंस गए हैं।
Q2. कितने टूरिस्ट प्रभावित हुए हैं?
करीब 800 टूरिस्ट इस आपदा में फंसे हुए हैं।
Q3. क्या रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है?
हाँ, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार बचाव कार्य कर रही हैं।
Q4. किन राज्यों में अलर्ट जारी हुआ है?
लगभग 16 राज्यों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट जारी है।





