“राहुल गांधी ने कहा, “जब आप अदाणी को धारावी का बिजनेस देते हैं, तो आप वहां के छोटे व्यापारियों का हक छीनते हैं। जब बंदरगाह और एयरपोर्ट अदाणी को सौंपे जाते हैं, तो आप ईमानदारी से व्यापार करने वालों का हक छीनते हैं,जब प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के पेपर लीक होते हैं, तो आप देश के युवाओं का हक छीनते हैं”
दिनाँक 14/12/2024 नई दिल्ली
लोकसभा में आज भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर बहस हो रही है, जिसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने संविधान पर चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संविधान पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान में महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर और पंडित नेहरू के विचार हैं, जो भगवान शिव, गुरु नानक, कबीर जैसे महान व्यक्तियों से प्रेरित हैं।
राहुल गांधी ने सावरकर का उदाहरण देते हुए कहा कि सावरकर ने संविधान में भारतीय तत्वों की कमी की बात की थी और कहा कि यह लड़ाई मनुस्मृति और संविधान के बीच है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आप सावरकर की बात मानते हैं या संविधान की।
उन्होंने एकलव्य का उदाहरण दिया और कहा कि जब द्रोणाचार्य ने एकलव्य को शिक्षा देने से मना किया, तो उसने अपने दम पर धनुष चलाना सीखा, लेकिन बाद में द्रोणाचार्य ने उसका अंगूठा मांग लिया। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार वही काम कर रही है, जैसे अदाणी को व्यापार सौंपकर छोटे व्यापारियों का हक छीनना, युवाओं का भविष्य छीनना, और किसानों को अनदेखा करना।राहुल गांधी ने हाथरस कांड का जिक्र करते हुए पूछा कि यह संविधान में कहां लिखा है कि दुष्कर्म करने वाले को सजा नहीं मिले और पीड़ित परिवार को प्रताड़ित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की बजाय मनुस्मृति की बात करती है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनका अगला कदम जातीय जनगणना होगा और वे 50 फीसदी आरक्षण की दीवार तोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन संविधान की रक्षा करेगा और देश में एक नया विकास और राजनीति का रास्ता खोलेगा।
