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योगी के ‘कठमुल्ला’ बयान पर ओवैसी का पलटवार – बोले, ‘उन्हें उर्दू नहीं आती तो साइंटिस्ट क्यों नहीं बने?’

“योगी पर हमला जारी रखते हुए ओवैसी ने कहा कि वह गोरखपुर से आते हैं। रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’ भी उसी गोरखपुर से आते हैं। वह एक प्रसिद्ध उर्दू कवि थे, लेकिन वह मुस्लिम नहीं थे।”

दिनाँक 02/03/2025 नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उर्दू पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी बवाल मच गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि योगी को उर्दू नहीं आती, लेकिन वे वैज्ञानिक क्यों नहीं बने, इसका जवाब वही दे सकते हैं।

ओवैसी ने आगे कहा, “योगी आदित्यनाथ जिस विचारधारा से आते हैं, उस विचारधारा के लोगों ने देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं दिया। वह गोरखपुर से आते हैं, जहां से मशहूर उर्दू कवि रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’ भी थे, जो मुस्लिम नहीं थे। यह बयान योगी की बौद्धिक क्षमता को दर्शाता है।”

दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही का उर्दू में अनुवाद करने की सपा की मांग पर तंज कसते हुए कहा था कि “सपा नेता अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाते हैं, लेकिन जब सरकार गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहती है तो वे कहते हैं – ‘उन्हें उर्दू सिखाओ’। वे इन बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं और देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहते हैं।”

उनके नेता ने भी किया योगी पर हमला
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने भी योगी आदित्यनाथ की इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि योगी की बातें उनके भीतर गहराई से बसे इस्लामोफोबिया को दिखाती हैं। उन्होंने योगी को “आरएसएस की नफरत और विभाजनकारी विचारधारा का प्रतिबिंब” बताया और कहा कि “उत्तर प्रदेश के मुसलमान इससे बेहतर के हकदार हैं।”

योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्षी नेता लगातार इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।