ऑपरेशन सिंदूर : भारत की सैन्य ताकत और स्वदेशी तकनीक की बड़ी जीत
दिनाँक 15/05/2025 नई दिल्ली
नई दिल्ली: पिछले महीने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने बड़ा जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इस ऑपरेशन में बिना नियंत्रण रेखा या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए, पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस खास अभियान में सबसे बड़ी बात यह रही कि पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया। चाहे वो ड्रोन युद्ध हो, एयर डिफेंस या इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, हर मोर्चे पर देश की अपनी तकनीक ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
7-8 मई की रात, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के कई सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली और काउंटर-ड्रोन सिस्टम ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इसके अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान के लाहौर में मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया।
स्वदेशी सिस्टम का दमदार प्रदर्शन
ऑपरेशन सिंदूर में पेखोरा, ओसा-AK, आकाश मिसाइल और अन्य स्वदेशी रक्षा प्रणालियों ने बेहतरीन काम किया। इन सभी को वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) से जोड़ा गया, जिससे एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध लड़ा गया। भारत ने पाकिस्तान के नूर खान और रहीमयार खान एयरबेस पर भी सटीक सर्जिकल स्ट्राइक की।
इस अभियान में ‘लॉइटरिंग म्यूनिशन’ ड्रोन और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को बायपास करते हुए बड़े आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।
पाकिस्तान के पास मिले विदेशी हथियार
ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान के इलाकों में चीन की PL-15 मिसाइलों के टुकड़े, तुर्की में बने UAVs, लॉन्ग रेंज रॉकेट्स और ड्रोन बरामद हुए। 12 मई को भारतीय सेना के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि भारत ने कई परतों वाली वायु रक्षा प्रणाली तैयार की है, जिससे पाकिस्तान की वायुसेना कोई नुकसान नहीं कर सकी।
2030 तक भारत बनेगा वैश्विक ड्रोन हब
ISRO भी पीछे नहीं रहा। इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि 10 उपग्रह लगातार देश की सीमाओं पर निगरानी कर रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने विदेशी ड्रोन के आयात पर रोक लगाकर स्वदेशी ड्रोन उद्योग को मजबूत किया है। आज भारत में धनुष तोप, अर्जुन टैंक, तेजस लड़ाकू विमान, ALH हेलिकॉप्टर, आकाश मिसाइल और स्वदेशी पनडुब्बियां बन रही हैं। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बनाए जा रहे दो डिफेंस कॉरिडोर भी इस दिशा में तेजी ला रहे हैं।
आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बना ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की बड़ी कामयाबी है। इसने साबित किया कि जब सरकार की नीति, निजी कंपनियों की तकनीक और सेना की रणनीति एक साथ आती है, तो भारत हर चुनौती का डटकर सामना कर सकता है।
भविष्य के युद्ध तकनीक से लड़े जाएंगे — और भारत अब पूरी तरह स्वदेशी ताकत के साथ तैयार है।
