दिनाँक 22/07/2025 नई दिल्ली
महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर पांच में से एक जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) रजिस्ट्रेशन अब महिलाओं के नाम पर है। यह इस बात का साफ संकेत है कि महिलाएं अब कारोबार और टैक्स सिस्टम में भी मजबूती से अपनी जगह बना रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं की भागीदारी खासतौर पर लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) और प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों में तेजी से बढ़ रही है। यह बदलाव महिलाओं के आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
एसबीआई की समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्या कांति घोष ने बताया कि जीएसटी में महिलाओं की भागीदारी अब कुल करदाताओं का 20% हो चुकी है। इसके अलावा, कुल आयकरदाताओं में महिलाएं 15% और बैंकों में जमा राशि में उनकी हिस्सेदारी 40% तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पिछले पांच वर्षों में भारत का जीएसटी संग्रह दोगुना हो गया है। अब देश का मासिक औसत जीएसटी कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुका है, जो कि देश की मजबूत अर्थव्यवस्था का भी संकेत है।
यह आंकड़े यह साबित करते हैं कि महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं।










