“देशभर में संविधान दिवस मनाया जा रहा है, जिसमें संविधान के महत्व और इसके पालन की चर्चा हो रही है”
नई दिल्ली : संविधान दिवस, जिसे राष्ट्रीय विधि दिवस भी कहा जाता है, हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन 1949 में भारतीय संविधान को अपनाया गया था। यह संविधान के महत्व को समझने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।
संविधान दिवस के मुख्य उद्देश्य:
- संविधान के मूल्यों का प्रचार: यह दिवस भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों—समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।
- लोकतंत्र के प्रति जागरूकता: लोकतांत्रिक प्रणाली और इसके सफल संचालन में संविधान की भूमिका को समझने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
- नागरिकों की भागीदारी: यह दिन नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने का भी अवसर है।
आयोजन की विशेषताएं:
- शिक्षण संस्थानों में जागरूकता: विद्यालयों और कॉलेजों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी जाती है और विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं।
- सरकारी कार्यक्रम: संसद भवन में विशेष सत्र और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री द्वारा संबोधन का आयोजन किया जाता है।
- संविधान पर चर्चा: भारतीय न्यायपालिका और विधायिका द्वारा संविधान के विभिन्न पहलुओं पर संगोष्ठियां और पैनल चर्चा आयोजित होती हैं।
संविधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करना है।











