महाराष्ट्र में औरंगजेब के मकबरे और अबू आजमी के बयान पर विवाद
“महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने इसे कानूनी दायरे में होने की जरूरत बताई है, क्योंकि यह स्थल पहले से ही एएसआई के संरक्षण में है।”
दिनाँक 11/03/2025 नई दिल्ली
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग का समर्थन किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह कानून के दायरे में किया जाना चाहिए, क्योंकि पिछली कांग्रेस सरकार ने इस स्थल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में रखा था।
यह बयान भाजपा सांसद उदयनराजे भोसले की उस मांग के बाद आया, जिसमें उन्होंने औरंगजेब के मकबरे को हटाने की बात कही थी। उदयनराजे भोसले, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज हैं। फडणवीस ने कहा, “हम सभी यही चाहते हैं, लेकिन इसे कानून के तहत करना होगा।”
इस बीच, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आज़मी के औरंगजेब की प्रशंसा करने वाले बयान से विवाद बढ़ गया। इस बयान के कारण उन्हें 26 मार्च तक महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था।
फडणवीस ने आगे कहा कि अबू आजमी को उनकी विवादित टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया जाएगा। आजमी ने दावा किया था कि औरंगजेब के शासन में भारत की सीमाएँ अफगानिस्तान और म्यांमार तक फैली हुई थीं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “100% उन्हें जेल में डालेंगे।”
इस विवाद के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान मचा हुआ है और कई दल इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं।
